दफ़्न होता है जहाँ आकर नई पीढ़ी का प्यार...

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-अदम गोंडवी

 

आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िन्दगी
हम ग़रीबों की नज़र में इक क़हर है ज़िन्दगी

भुखमरी की धूप में कुम्हला गई अस्मत की बेल,
मौत के लम्हात से भी तल्ख़तर है ज़िन्दगी

डाल पर मज़हब की पैहम खिल रहे दंगों के फूल,
ख़्वाब के साये में फिर भी बेख़बर है ज़िन्दगी

रोशनी की लाश से अब तक जिना करते रहे,
ये वहम पाले हुए शम्सो-क़मर है ज़िन्दगी

दफ़्न होता है जहां आकर नई पीढ़ी का प्यार,
शहर की गलियों का वो गन्दा असर है ज़िन्दगी
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8 टिप्‍पणियॉं:

पत्रकार-अख्तर खान "अकेला" ने कहा…

zindgi kaa kcuva or schchaa anubhv aapne pesh kiya hai bhaai mubark h bhtrin rchnaa .... akhtar khan akela kota rajsthan

पत्रकार-अख्तर खान "अकेला" ने कहा…

zindgi kaa kcuva or schchaa anubhv aapne pesh kiya hai bhaai mubark h bhtrin rchnaa .... akhtar khan akela kota rajsthan

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

यह अदम गोंडवी की चर्चित गजल है। अदम जी दुष्‍यंत कुमार के बाद हिन्‍दी गजल के सबसे चर्चित रचनाकारों में हैं। वर्तमान में उनकी तबियत काफी खराब है। उनका लखनऊ के पीजीआई में इलाज चल रहा है। उन्‍हें आपकी शुभकामनाओं की जरूरत है।

ओमप्रकाश कश्यप ने कहा…

अदम साहब गंबई भारत के गजलकार हैं. उनकी गजलों में सभ्यता की दुश्वारियां और शासन की मक्कारियां खुलकर आती हैं. एक—एक शब्द आंख खोलता चला जाता है. बीस—तीस या उससे भी अधिक वर्ष हुए, जब से उनकी पहली गजल पढ़ी, तभी से वे एकदम 'अपने' लगते हैं. उनकी गजलों पर काम करने की आवश्यकता है. ठीक वैसा काम जो कमलेश्वर ने दुष्यंत के लिए किया था. कामना है कि वे जल्दी स्वस्थ हों और फिर इस समाज—सभ्यता के कटु सत्य से, हमें अपनी गजलों के माध्यम से परचाते जाएं.

veerubhai ने कहा…

भुखमरी की धूप में कुम्हला गई अस्मत की बेल,
मौत के लम्हात से भी तल्ख़तर है ज़िन्दगी।
एक से बढ़कर एक अश आर खूबसूरत ग़ज़ल .बधाई .

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

बड़े दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि सुप्रसिद्ध गजलकार अदम गोंडवी जी का लम्‍बी बीमारी के बाद आज 18 दिसम्‍बर, 2011 को सुबह 05.10 पर निधन हो गया। उनके इस असामयिक निधन से सारा साहित्यिक जगत स्‍तब्‍ध है। हमारी ईश्‍वर से यही प्रार्थना है कि उनकी आत्‍मा को शान्ति प्राप्‍त हो और उनके परिवार वालों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति।

Dr. Rajrani Sharma ने कहा…

अदम गोंडवी जी को मेरी श्रध्हांजलि ----उनकी घज़लें को शत शत नमन

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

Allah apne bande par rahmat ka saya kare.

Aamin .

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